संदेश

मई, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

UGC Fake Universities List 2026: भारत के फर्जी विश्वविद्यालयों की पूरी सूची

चित्र
Cradit: ChatGPT  Fake Universities UGC list 2026  दिल्ली 1 .आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एंड फिजिकल हेल्थ साइंस (ए. आई. पी.पी. एच.एस.) स्टेट गवर्नमेंट यूनीवर्सिटी , आफस के एच नं. 608-609, प्रथम तल संन्त कृपाल सिंह पब्लिक ट्रस्ट बिल्डिंग बी.डी.ओ. कायार्लय के पास अलीपुर दिल्ली -36 कमर्सिअल यूनिवर्सिटी लिमिटेड दरियागंज ,दिल्ली 2 .यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी दिल्ली 3 .वोकेशनल यूनिवर्सिटी दिल्ली 4 .ए.डी.आर.- सेंट्रिक जुरिडिकल यूनिवर्सिटी, ए.डी.आर. हाउस, 8जे, गोपाल टॉवर, 25 राजेन्द्र प्लेस, नई दिल्ली – 110008 5 .इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एंड इंजीनियरिंग ,नई दिल्ली 6  .विश्वकुमार ओप्पन यूनिवर्सिटी फॉर सेल्फ एम्प्लॉयमेंट, इंडिया सेवा सदन, 672, 7  .संजय एंक्लेव, अपोिजट जी.टी .के .डिपो, नई दिल्ली – 110033 8  .आध्याित्मक विश्वविद्यालय (स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी), 351-352, फे स-1, ब्लॉक-ए, विजय बिहार रिठाला ,रोहिणी दिल्ली – 110085 9  .वल्डर् पीस ऑफ़ यूनाइटेड नेशनस यूनिवर्सिटी (डब्लू.पी.यू.एन.यू), नंबर-201, द्वतीय तल,बेस्ट बिजनेश पाकर्, नेताजी सुभाष प्लेस, पीतमपुरा, नई...

बच्चे, मानव अधिकार और संविधान: भारत अपने भविष्य के साथ क्या कर रहा है?

चित्र
संविधान किसी भी देश के नागरिकों के मानव अधिकारों के संवर्धन एवम संरक्षण और उनका उलंघन रोकने के लिए महत्वपूर्ण  दस्तावेज होता है तथा जो समाज के सभी वर्गों के अधिकारों और कर्तव्यों को परिभाषित करता है | भारतीय संविधान में विशेषकर बच्चों के अधिकारों को विशेष महत्त्व दिया है | जिसके आधार पर उनकी मासूमियत और भविष्य की रक्षा होती है | मानवाधिकार और संवैधानिक प्रावधान दोनों बालकों को सुरक्षित, शसक्त और विकासोन्मुख वातावरण प्रदान करते हैं |  यह लेख अद्यतन किया गया है |  बच्चे देश का मुस्तकबिल होते हैं तथा देश के विकास और सम्बृद्धि के आधार होते हैं | भारत में एक लिखित संविधान है जो नागरिकों को,जिसमे अपनी मासूमियत के लिए पहचाने जाने वाले बच्चे भी शामिल हैं, के संवैधानिक और विधिक अधिकारों की गारंटी प्रदान करता है | इसी लिए भारतीय संविधान बाल अधिकारों का प्रणेता हैं | बच्चों के अधिकार को  मूल अधिकार और राज्य के नीति निर्देशक तत्वों के रूप में संविधान में समाहित किया गया हैं | बच्चे मानवता की दिव्यतम निधि हैं, जो देश के विकास की बुनियाद और गारंटी दोनों है |  संयुक्त राष्ट्र ...

निःशुल्क विधिक सहायता और मानव अधिकार : भारत से वैश्विक मानकों तक

चित्र
Cradit: Chat GPT प्रस्तावना विधिक सहायता का सम्पूर्ण ढांचा मानव अधिकार,नैसर्गिक न्याय और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों की बुनियाद पर खड़ा है |  कानूनी प्रक्रिया के चुंगल में फँसे प्रत्येक व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए तथा कोई भी व्यक्ति अनसुना नहीं रहना चाहिए, इसी सिद्धांत का पोषण विधिक सहायता और निःशुल्क विधिक सहायता करते हैं |  भारतीय संविधान के तहत सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करते हुए गरीबों और कमजोरों के लिए निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था की गयी है इसके साथ ही राज्य को उत्तरदायी बनाया गया है कि वह सबके लिए समान अवसर उपलब्ध कराएं | इसी अनुक्रम में विधिक सेवाएं प्रदान करने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम ,1987 पास किया गया |  निःशुल्क विधिक सहायता क्या है ?  विधिक सहायता और निःशुल्क विधिक सहायता से तात्पर्य  ऐसी सहयता से है जिसकी आवश्यकता वाद दाखिल करने वाले या अभियुक्त  को न्यायलय के समक्ष अपना पक्ष रकने के लिए पड़ती है लेकिन आर्थिक तंगी के चलते या किसी अन्य कारण से अपना पक्ष न्यायलय के समक्ष रखने में असमर्थ होता है, ऐसी स्तिथि में सरकार द्...

विधि का उल्लंघन करने वाले बालकों के मानव अधिकार: एक अवलोकन

चित्र
भारत में   पुलिस द्वारा अपनी चालानी रिपोर्ट में अक्सर विधि का  उल्लंघन  करने वाले बालकों की  अधिक उम्र दर्शाने के कारण उन्हें प्रौढ़ जेलों में बंद कर दिया जाता है जिसके कारण उन्हें अपने मानव अधिकारों से वंचित होना पड़ता है | जबकि बालकों के  लिए विशेष रूप से  बने किशोर न्याय (बालको की देखरेख और संरक्षक)अधिनियम ,२०१५ में बालकों के मानव अधिकारों के संवर्धन एवम संरक्षण के लिए कई विधिक सिद्धांतों की व्यवस्था की गयी है | लेकिन उन सिद्धांतों का किशोर न्याय बोर्ड ,बाल कल्याण समिति तथा अन्य अभिकरणों द्वारा समुचित रूप से अनुपालन  और अनुसरण नहीं हो रहा है | जिसके कारण आये दिन विधि का उलंघन करने वाले बालकों के मानव अधिकारों का उल्लंघन आम बात हो गयी है | समाज और आपराधिक न्याय व्यवस्था के विभिन्न अंगों द्वारा उक्त सिद्धांतों का व्यवहार  में अनुसरण करके विधि का उलंघन करने वाले बालकों के जाने-अनजाने में होने वाले मानव अधिकार उल्लंघन को आसानी से रोका जा सकता है | मुख्य शब्द :  मानव अधिकार , किशोर , विधि का  उल्लंघन  करने वाले बालक, भारतीय संविधान...

Latest Human Rights Analysis trusted by global legal, academic & policy readers