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Right to Abortion in India: क्या यह महिला का मौलिक मानव अधिकार है? पूरा कानून समझें !

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चित्र स्रोत : https://www.pexels.com/@lucasmendesph/   गर्भपात समाज में सदैव से एक विवादास्पद विषय रहा है |यह विषय विश्व की करीब आधीआबादी के मानवाधिकारों से सरोकार रखता है | विश्व भर में महिला अधिकारों के प्रति बढ़ती चेतना और आंदोलनो के परिणाम स्वरुप महिला प्रजनन अधिकारों और शारीरिक स्वायत्ता पर बहुत जोर दिया गया | उचित स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण महिलाओं को अपना गर्भपात झोलाछाप चिकित्सकों और अकुशल दाईयों से करना पड़ता था फोटो   जिसके कारण गर्भपात के दौरान या बाद में कई मामलों में महिलाओं का स्वास्थ्य गंभीर रूप से ख़राब हो जाता था या उनकी मृत्यु हो जाती थी | यह समस्या सम्पूर्ण समाज के लिये एक गंभीर चुनौती बन गयी थी | इस समस्या के निदान हेतु विश्व भर के देशों में अलग अलग कानूनौ का निर्माण हुया | इन कानूनौ के तहत अनावश्यक या ऐच्छिक गर्भपात पर रोक लगा दी गयी तथा कुछ विशेष परिस्थितियों में महिलाओं को गर्भपात की अनुमति प्रदान करने के प्रावधान किये गए |  पितृसत्तात्मक समाज के चलते एक दौर ऐसा भी रहा है जिसमे महिलाओं को बच्चे पैदा करने की मशीन के रूप में समझा जाता रह...

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