राज्यों की नई नीतियाँ – डॉग लवर्स की जीत या आम इंसान की?
प्रस्तावना अद्धतन : जनवरी 2026 भारत में विगत कुछ वर्षों से आवारा कुत्तों का मुद्दा तेजी से उभरा है तथा वर्तमान में सम्पूर्ण देश में बहस का केंद्र बिंदु बना हुया है। एक तरफ़ इंसान की सुरक्षा को लेकर बेवसी और रोज़ बढ़ते आवारा कुत्तों के हमले हैं, वहीं दूसरी तरफ़ डॉग लवर्स और एनजीओ का तर्क है कि कुत्तों को भी जीने का अधिकार है तथा वे भी इसी समाज का हिस्सा हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली -एनसीआर की सड़कों से आवारा कुत्तों को उठाकर उन्हें शेल्टर होम्स भेजने तथा उन्हें दुबारा न छोड़े जाने का आदेश दिया था | कोर्ट ने पूर्व में दिए गए आदेश को संशोधित किया, जिसके अनुसार शेल्टर होम में ले जाए गए आवारा कुतो को उनकी नसबंदी और टीकाकरण के बाद उसी स्थान पर छोड़ने के आदेश दिए गए, जहाँ से आवारा कुत्ते उठाये गए हैं | पूर्व में दिया गया आदेश दिल्ली-एनसीआर तक सीमित था जिसे बढ़ा कर सम्पूर्ण देश में विस्तारित कर दिया गया | यह फैसला सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू होगा | सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कई राज्यों ने इस मुद्दे पर नई नीतियाँ बनानी शुरू कर दी हैं। ...