Delhi Statehood Celebration: स्वशासन से मानव अधिकार तक की यात्रा
Source:Delhi Administration,@District South East,New Delhi i प्रस्तावना दिल्ली सिर्फ एक शहर नहीं है, यहाँ भारत का दिल धड़कता है | भारत के हर राज्य का व्यक्ति यहाँ बसा हुया है | भारत की राजधानी मानी जाने वाली दिल्ली इतिहास, राजनीति और लोगो की जागरूकता का केंद्र है | दिल्ली बताती है कि स्वशासन के बिना असली लोकतंत्र की कल्पना भी नहीं की जा सकती है | शायद दिल्ली का राज्यत्व उत्सव (Delhi Statehood Festival) इसी लोकतंत्र की पहचान के रूप में सामने आया है | Delhi Statehood Festival मात्र एक महोत्सव नहीं है, बल्कि स्वशासन के माध्यम से मजबूत लोकतंत्र की बेहतरीन मिसाल है | इसे अन्य शब्दों में कहें तो यह मानव अधिकारों के जागरण का महत्वपूर्ण प्रतीक है | दिल्ली राज्यत्व: एक अधूरा सपना ? वर्ष 1991 में एक संविधान (69 वां संशोधन) अधिनियम पारित हुया | इस संविधान संशोधन के बाद दिल्ली को पूर्ण विधान सभा मिली | इस अधिनियम में यह भी प्रावधान किया गया कि राष्ट्रपति द्वारा जो उपराज्यपाल नियुक्त किया जाएगा, वह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का प्रशासन सम्हालने के लिए उत्तरदाई होंग...