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Digital Arrest Scam in India: क्या यह मानव अधिकारों पर हमला है? कानून और बचाव के तरीके !

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Cradit:ChatGPT परिचय   आज कल एक तरफ डिजिटल तकनीकी ने हमारे जीवन को सुगम बनाया है वहीं दुसरी तरफ नयी चुनौतियों का सामना करने के लिए विवश कर दिया है |  इन चुनौतियों में से एक है Digital Arrest | यह विषय आज के वैश्विक परिदृश्य के साथ-साथ देश के स्तर पर भी अत्यधिक महत्वपूर्ण हो गया है | साइबर अपराध की दुनिया में Digital Arrest नामक शब्द मानव अधिकारों के उल्लंघन का प्रतीक बन गया है तथा मानवअधिकारों के लिए भी गंभीर चुनौती है|    भारतीय समाज में Digital Arrest का अपराध इतनी तेजी से फैला है जैसे अतीत में किसी समय स्माल पॉक्स की बीमारी फैला करती थी |  भारत में Digital Arrest के अपराध की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को  मन की बात के 115 वे एपीसोड में डिजिटल अरेस्ट  के बारे में जनता को जागरूक करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा है |  समाज में लोगों के साथ ठगी करना सभ्यताओं के विकास की शुरुआत से ही चला आ रहा है | हालांकि समय के साथ -साथ ठगने के तरीकों में आमूलचूक परिवर्तन आता रहा है |  यह भी पढ़...

स्वच्छता अभियान में मैनुअल स्कवेंजर्स की अनदेखी : एक मानवाधिकार संकट

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परिच य   हाथ से मैला ढ़ोने की प्रथा या मैनुअल स्केवेंजिंग, ऐसी व्यवस्था है जो भारत में मैनुअल स्कवेंजर्स तथा उनके परिवारों के मानव अधिकारों का सदियों से उलंघन करती आ रही है |  इस व्यवस्था की जकड में मुख्यतः समाज के सबसे निचले पायदान पर स्थित दलित समुदाय या अनुसूचित जाति के लोग आते हैं, जिन्हें पीढ़ी दर पीढ़ी सदियों से छूआ- छूत और सामाजिक बहिष्कार जैसी सामाजिक बुराई का दंश झेलना पड़ा है |  भारत में यह प्रथा न केवल भारतीय समाज में व्याप्त सामाजिक असमानता को दर्शाती है, बल्कि यह जातिगत भेदभाव और मानवीय गरिमा के रूप में मानव अधिकारों के उल्लंघन का भी प्रतीक है |  यद्यपि समाज के आधुनिकीकरण के चलते जाति- व्यवस्था प्रत्यछ रूप में दम तोड़ने के कगार पर है | लेकिन तमाम विधिक एवम नीतिगत प्रयासों के बाबजूद मैनुअल स्केवेंजिंग की प्रथा का जारी रहना हम सभी के लिए एक मानवाधिकार चुनौती है |  इस लेख के द्वारा लेखक का प्रयास अपने सुधीय पाठकों को भारत में प्रचलित मैनुअल स्कवेंजिंग की अमानवीय व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं के बारे में जागरूक करना तथा उसकी समाप्ति के लिए सुझाव प्रस्तुत क...

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