संदेश

Forensic Science कैसे मानव अधिकारों की रक्षा करती है? जानिए पूरा कानून !

चित्र
Cradit:ChatGPT फॉरेंसिक साइंस और मानव अधिकार के बीच रिस्ते   फॉरेंसिक साइंस और मानव अधिकार के बीच अन्तर्सम्बन्ध एक महत्वपूर्ण और जटिल विषय है | फॉरेंसिक साइंस का मुख्य उद्देश्य गंभीर अपराधों की जांच कर उसकी तह तक पहुंचना है तथा आपराधिक न्याय प्रणाली के समक्ष उच्च कोटि के साक्ष्य उपलब्ध कराकर सत्य की स्थापना में न्यायालय की सहायता करना है | दूसरी ओर मानव अधिकार वे अधिकार है जो मनुष्य होने के नाते हर व्यक्ति को उसके जन्म से प्राप्त है | इन अधिकारों में गरिमा,समानता,स्वतंत्रता, जीवन, सुरक्षा और सक्षम न्यायालय से न्याय की मांग करने का अधिकार    हर व्यक्ति के चहुमुखी विकास के लिए आवश्यक है | ये सभी मनुष्यों को बिना किसी मूल,वंश ,घर्म,जाति,नस्ल,रंग,भाषा,क्षेत्र, लिंग,आदि के भेदभाव के प्राप्त होते हैं। यही नहीं गरिमा का अधिकार व्यक्ति की मृत्यु या ह्त्या के उपरांत उनके शवों को भी  प्राप्त होता  है | किसी भी देश में मानव अधिकारों का संरक्षण एक सुदृढ़ लोकतंत्र के लिए अति आवश्यक है | अक्सर फॉरेंसिक साइंस का उपयोग मानव अधिकारों के उल्लंघन की घटनाओं से सम्बंधित जटि...

क्या Google भी करता है मानव अधिकारों का सम्मान ?

चित्र
गूगल डिजिटल तकनीकी क्षेत्र में विश्व का एक दिग्गज माना जाता है |  Ahrefs blog   के अनुसार  जुलाई २०२४ में विश्व में गूगल पर सर्वाधिक खोजे जाने वाली चीजों में यूट्यूब, एमाज़ॉन, फेसबुक, वोर्डले, जीमेल, के बाद गूगल का स्थान रहा है | यूट्यूब भी गूगल की ही एक उपकंपनी है | कार्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी एक व्यवसायिक मॉडल है जिसके तहत कम्पनियां अपने व्यवसाय के दौरान सामजिक चिंताओं का ध्यान रखतीं है जिसके तहत अपनी आय का कुछ हिस्सा अपने हितधारकों और सामाजिक दायित्वों पर खर्च करती है | इस सामाजिक जिम्मेदरी के तहत गूगल भी दायित्वाधीन है | शायद इसी के तहत गूगल ने अपने कार्यक्रमों में मानव अधिकार नीतियों को समाहित किया है | यह भी पढ़ें : भारत में ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट को डॉक्टर (Dr.) का दर्जा — एक मानवाधिकार संदर्भ विश्वभर में गूगल डिजिटल रूप में ज्ञान और सूचनाओं  को उपलब्ध कराने वाला एक अत्यधिक व्यापक प्लेटफॉर्म  है | ज्ञान और सूचनाओं का सीधा सम्बन्ध मानवाधिकारों के संवर्धन और संरक्षण के अलावा उनके उल्लंघन से भी है | सही और पुष्ट सूचनाएं व्यक्तियों,समूहों और समाज के मानव अध...

FIFA, Football & Human Rights(In Hindi)-फीफा, फुटबाल और मानवअधिकार

चित्र
Source : Pixabay परिचय :  फीफा, फ़ुटबाल की चमक  और  क्रिस्टियानो रोनाल्डो फ़ुटबाल केवल एक खेल नहीं बल्कि यह खेल प्रेमियों के लिए एक जूनून है जोकि दुनिया के सबसे प्रभावशाली खेलों में से एक है | इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फ़ुटबाल खेल से ताल्लुक रखने वाले पुर्तगाली फुटबॉलर, क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 'UR Cristiano' नामक अपने यू ट्यूब चैनल का   21 अगस्त, 2024  को  उदघाटन किया|  जिसकी घोषणा के कुछ समय बाद ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 50 मिलियन का आंकड़ा छूने के साथ ही कई रिकॉर्ड तोड़ दिए तथा अभी और रिकार्ड टूटने की उम्मीद बरक़रार है | फ़ुटबाल का खेल ताकत, उपयुक्तता, ध्यान और चतुराई का खेल है | इस खेल में 7 से 11 खिलाड़ी हो सकते हैं |यह 90 मिनट का खेल होता है|  इसमें जैसे जैसे समय बढ़ता जाता है वैसे वैसे ,रोष और रोमांच बढ़ता जाता है यहाँ तक कि खेल का अंतिम क्षण भी उत्साह और रोमांच से लबालवऔर सराबोर होता है |  इस खेल में बॉल को विपक्षियों से बचाते हुए गोल मरने की खुशी और रोमांच न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए अद्भुत और अभूतपू...

Latest Human Rights Analysis trusted by global legal, academic & policy readers